महाकुंभ स्थल पर धूम-धड़ाके से गणपति स्थापना

महाकुंभ स्थल पर धूम-धड़ाके से गणपति स्थापना

जोधपुर। माहेश्वरी महाकुंभ स्थल पर सोमवार को धूमधाम से विध्नहर्ता गणपति की स्थापना कर मंगल की कामना की गई। इससे पहले गणपति को रातानाडा गणेश मंदिर से विधि-विधान से ढोल-नगाडों के साथ आयोजन स्थल पर लाया गया। समूचे रास्ते में उन पर फूलों की बरसात की गई। इधर, महाधिवेशन स्थल पर माहेश्वरी समाज के आराध्य डूंगरिया महोदव भव्य मंदिर में विराजित होंगे। दुनियाभर के खूबसूरत फूलों से शृंगारित मंदिर में सुबह-शाम महाआरती से विश्व के कल्याण की कामना की जाएगी।
मुख्य समन्वयक संदीप काबरा ने बताया कि अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के सान्निध्य में पश्चिमी राजस्थान प्रदेश महोश्वरी सभा व जोधपुर जिला माहेश्वरी सभा की मेजबानी में चार से सात जनवरी तक एयरफोर्स रोड रातानाडा पालो ग्राउंड में अंतरराष्ट्रीय माहेश्वरी महाधिवेशन व माहेश्वरी ग्लोबल एक्सपो आयोजित होगा। आयोजन की सफलता के लिए सोमवार को विश्व प्रसिद्ध गणेश मंदिर रातनाडा से धूम-धड़ाके के साथ महासभा प्रदेश अध्यक्ष जेएम बूब, जिलाध्यक्ष रतनलाल डागा, जगदीश राठी के सान्निध्य में भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा को महाकुंभ स्थल लाया गया। यहां शुभ मुहूर्त में पंडितों द्वारा उच्चारित मंत्रों के बीच उनकी स्थापना की गई। इस दौरान पूरा पंडाल गणेशमय नजर आया।
‘ सर्वे भवंतु सुखिन..’ की भावना से वंदन
प्रदेशाध्यक्ष जेएम बूब ने बताया कि भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य करने से सबसे पहले रिद्धि सिद्धि के दाता गणनायक गणेश की स्तुति कर उन्हें स्थापित किया जाता है। महाकुंभ स्थल पर भी भगवान गणेश को स्थापित कर आयोजन की सफलता की कामना की गई है। स्वागत समिति के अध्यक्ष गोपीकिशन मालानी, उपाध्यक्ष आनंद राठी, श्यामसुंदर काबरा, सत्यनारायण धूत, भंवरलाल सोनी, मंत्री मदन टावरी, कोषाध्यक्ष भंवरलाल भूतड़ा, ओमप्रकाश सोनी, पुरुषोत्तम मूंदडा, भगवान राठी, घनश्याम चांडक, सीताराम राठी, पुखराज जाजू, विष्णु करवा सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी, सदस्य, युवा व महिला कार्यकर्ताओं ने ‘सर्वे भवंतु सुखिन:, सर्वे संतु निरामया..’ की भावना से पूजन कर गणपति वंदन किया।
चार चांद लगाएगी फूलों की सुंदरता
स्वागत समिति के अध्यक्ष गोपीकिशन मालानी ने बताया कि महाधिवेशन स्थल पर भव्य मंदिर का स्वरूप तैयार कर उसमें माहेश्वरी समाज के आराध्य डूंगरिया महादेव को श्रद्धा के साथ विराजित किया जाएगा। यहां हमेशा फूलों की भव्य झांकियां सजाई जाएगी। इसके लिए विशेष तौर से नासिक, बैंग्लौर, कश्मीर से विदेशी ट्यूलिप, पंचमुखी, गुलाब, चेरी ब्लॉसम, डेहलिया, भंग, सफेद कमल, कुमुदिनी, ओरिएंटल पोस्ता, प्लुमेरिया सहित विभिन्न प्रकार के मनभावन फूल मंगवाए गए हैं जो मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगाएंगे वहीं उनकी शानदार खुशबू बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करेगी। यहां सुबह-शाम महाआरती से विश्व मंगल की कामना की जाएगी। पूजा के लिए काशी के पंड़ितों को बुलाया गया है जो भगवान महेश का महाभिषेक करेंगे।
तैयारियों की सुनिश्चितता
जगदीश राठी ने बताया कि कन्वेशंन में 35-40 हजार माहेश्वरी बंधुओं के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते सोमवार को प्रसादी वितरण व्यवस्था की तैयारियों की सुनिश्चतता को लेकर कार्यकर्ताओं की अहम बैठक हुई। बैठक में काउंटर व्यवस्था के लिए टीम का गठन कर कार्यभार सौंपा गया। इस दौरान सोहन भूतडा, सत्यनारायण धूत, दामोदर धूत, चंद्रपकाश सोनी, हंसराज धूत, दिलीप लाहोटी, नेमीचंद राठी, राधेश्याम बूब, राजेख खेतावत, गोविंद फोफलिया, उज्ज्वल सोनी, विजय सोनी, राजेश पुंगलिया, दीपक तारघोटिया, आनंद तापडिया, रवि लड्ढा, राधेश्याम डागा सहित समिति के कई सदस्य उपस्थित थे।